Dixita Parmar (Spiritual lover)
Kahani o ki diwani
कोई कैसे लिखता है हम नहीं जानते,
हम तो जजबात लिखते हैं
कुछ अपने कूछ लोगों के
हम तो प्यार लिखते हैं
कुछ परिवार का कूछ रिस्तो का
हम तो विस्वास लिखते हैं
कूछ रिस्तो पर कूछ प्यार पर
हम तो विचार लिखते हैं
कूछ अपने कूछ दूसरों के
कोई क्या लिखता है हम नहीं जानते
हम तो लिखते हैं बस हमारे रिसर्स के लिएलिए . . . .