तेरी याद में.... ( स्वैच्छिक)
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तेरी याद में.... ( स्वैच्छिक)
कविता
तेरी याद तड पाती है मूजे रातों में जगाती है मूजे दिल को बड़ा तडपाती है में रे तेरी याद रूलाती है मूजे।।
लेखक : Spiritual lover
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