" मैं एक नदी हुं "

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" मैं एक नदी हुं "


मेरी इस कविता में नदी की भावनाओं और उसकी यात्रा को व्यक्त किया है। कविता में नदी की विभिन्न अवस्थाओं और उसके महत्व को दर्शाया गया है, जैसे कि पहाड़ों से निकलना, झरना बनना, विसाल नदी कहलाना, और समुद्र में समा जाना। ईस में नदी के जल से जुड़े विभिन्न पहलुओं को भी दर्शाया है, जैसे कि फसल उगाना, पक्षियों की प्यास बुझाना, और लोगों के लिए जीवन का स्रोत होना।
: Spiritual lover

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