यह कविता उस इंतज़ार को समर्पित है, जो एक प्रेमिका, एक माँ, और एक परिवार को अपने सैनिक के लिए रहता है—अनगिनत रातों तक, अनकहे शब्दों में, अनसुनी धड़कनों में।
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