प्रोफ़ाइल

client-img

Views : 0

ज्योति कुमारी (ज्योति )
“कुछ खामोशियाँ भी बोल जाती हैं, जब लफ़्ज़ साथ छोड़ जाते हैं। दिल की बात आँखें कह देती हैं, जब हम कुछ कह नहीं पाते हैं।”

  • लाइब्रेरी

  • श्रेणी

  • लिखे

  • अपडेट

  • शॉप
Support By Coins

सिक्के उपलब्ध हैं