अनोखा अहसास
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अनोखा अहसास
दैनिक प्रतियोगिता
कविता
अनोखा अहसास होता है, जब तुम मेरे साथ होते हो। अमावस चांदनी बन जाती है, जिंदगी सुहावनी हो जाती है। जो ना हो तुम संग मेरे तो, शीतल चांदनी भी तन में आग लगाती है।
: निर्मेश
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