यह कहानी शगुन नाम के उस किरदार की है जिसकी जिंदगी उसके सपनों की परछाई भी नहीं। वह वक्त की धारा के साथ बह रही अपने हर रोल को निभाने की कोशिश कर रही है। लेकिन इन कोशिशों में वह खुद से हार जाती है। यह कहानी सबक है ऐसे ही लोगों के लिए जिन्हें वक्त रहते जाग जाना चाहिए।