कहते हैं किस्मत से ज्यादा और किस्मत से कम किसी को नहीं मिलता....लेकिन शौर्य सिंह दीवान जिन्हें किस्मत जैसी चीजों में कोई विश्वास नहीं था.....उसे भरोसा था कि अगर इस दुनिया में सबसे ज्यादा कीमती कोई चीज हो सकती हैं वो होता है पैसा....रुतबा...और शोहरत....लेकिन वही दूसरी तरफ है इबादत जिन्हें रब और उसकी लिखी हुई किस्मत में पूरा यकीन था.....वो अचानक टकरा जाती है शौर्य सिंह दीवान से.....तो क्या होगा जब एक किस्मत में विश्वास रखने वाली और एक किस्मत जैसी चीजों को ना मानने वाले एक दूसरे से टकराएंगे......??