आत्मबोध करना आसान नहीं होता ये स्वयं से स्वयं की लड़ाई होती है जो एक बार स्वयं को जान जाता है वो इस भव सागर से पर हो जाता है।
जिस मोक्ष के लिए मनुष्य जीवन भर भटकता रहता है जो ओर कहीं नहीं मनुष्य के भीतर ही समाया होता है जरूरत है तो कुछ क्षण अपने आप को एकांत में रख कर ध्यान मग्न होने की।।