भाग्य
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भाग्य
कविता
जब यौवन की सीढ़ी पर आकर हम पथ भ्रष्ट हो जाते हैं तब हमारा भाग्य दुर्भाग्य कैसे बनता हैं.. ऐसी ही छोटी सी कहानी लेकर आई हूं मैं आप सभी के बीच। आंचल गुप्ता ✍️...
लेखक : Anchal Gupta
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