कहते हैं अगर इश्क़ में सच्चाई और शिद्दत हो, तो वो जरूर मिल जाता है। सागर की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। बचपन से ही सागर का दिल पड़ोस में रहने वाली सीमा भाभी पर आ गया था। जब भी उससे कोई पूछता कि वह किससे शादी करेगा, तो सागर बिना किसी हिचकिचाहट के कहता, "सीमा भाभी से।" वक्त बीता और सागर जवान हो गया। लेकिन तब तक सीमा भाभी की उम्र काफी बढ़ चुकी थी, और वह अब सागर के लिए सिर्फ बचपन की एक प्यारी याद बनकर रह गई थीं। पर किस्मत ने एक अजीब मोड़ लिया जब सागर की नज़र सीमा भाभी की बेटी, अंकिता पर पड़ी, जो हूबहू अपनी मां की तरह दिखती थी। सागर की मोहब्बत का चेहरा भले ही बदल गया हो, लेकिन उसकी गहराई वही रही। अंकिता सागर की उम्र की थी और अब सागर का दिल उसकी ओर खिंचने लगा। लेकिन सवाल यह है कि क्या अंकिता भी सागर के इश्क को समझ पाएगी? क्या वो भी सागर के प्यार को कबूल करेगी, या फिर कोई और उसकी ज़िन्दगी में आकर उसे ले जाएगा? क्या सागर का बचपन का मासूम इश्क़ उसकी मंजिल तक पहुंच पाएगा, या यह कहानी अधूरी रह जाएगी? जानने के लिए पढिए