सच्ची दौलत (स्वैच्छिक open)
मिसेज चौधरी कुछ बोल ना सकीं। उन्होंने अपने घर की ओर इशारा किया। इतने में ही चौधरी जी स्नेहा की आवाज सुनते ही अपने घर से तेजी से दौड़ते हुए आए। उन्होंने घबराई हुई मुद्रा में पूछा " क्या हुआ ? मैं तो तुम्हें इस चबूतरे पर बैठा कर गाड़ी निकालने गया था।"