मन की बात(स्वच्छिक)
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मन की बात(स्वच्छिक)
रोजाना प्रकाशित
चाहता हूं उड़ना, खुले आसमान, पर बांधते हैं मुझे, ये अपने अरमान। दिल कहता है, छोड़ दो सब कुछ, पर दिमाग कहता, संभालो हर रुख।
: rani
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