पत्थर दिल

client-img

पत्थर दिल


आँसू भी अब मानो रूठ गए, गम के बादल कहीं दूर छूट गए। जो दिल धड़कता था जज़्बातों से, आज बस धड़कता है मजबूरियों से।

8

Views

5

Ratings

1 Min

Duration


  • लाइब्रेरी

  • श्रेणी

  • लिखे

  • अपडेट

  • शॉप