गाँव में हर कोई कहता था, "ये दोनों जुड़वा हैं, लेकिन इनकी कहानी एकदम अलग है।" उनके बीच का रिश्ता सच में खास था। वे एक-दूसरे के बिना कभी भी कुछ भी नहीं करते थे। अगर वीर को कोई समस्या होती, तो रिया बिना कहे ही उसे समझ जाती, और अगर रिया दुखी होती, तो वीर उसे एक जादुई तरीके से आराम दे सकता था।