"Digital Kaid" एक विज्ञान-कथा पर आधारित कविता है, जो आधुनिक टेक्नोलॉजी और वर्चुअल रियलिटी की जटिलता को उजागर करती है। यह कविता एक ऐसे संसार की कल्पना करती है, जहां मनुष्य डिजिटल दुनिया में कैद है, और वास्तविकता से उसका संबंध टूट चुका है। कवि विवेक राठौड़ ने भावनात्मक गहराई और सटीक विवरणों के माध्यम से डिजिटल कैद के खतरों और मानवता के संघर्ष को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया है।