"खोया हुआ समय" एक मार्मिक कहानी है जो 70 वर्षीय घड़ीसाज रामदास की जीवन यात्रा को दर्शाती है। अपने पिता की रहस्यमयी घड़ी के माध्यम से वह अतीत में लौटता है, जहां उसे अपने जीवन के छूटे हुए रिश्तों और गलतियों को सुधारने का अवसर मिलता है। यह कहानी समय की अहमियत, रिश्तों की गहराई और वर्तमान को संवारने के महत्व को खूबसूरती से उजागर करती है।