लड़की बोली, "मुझे बचाव"
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लड़की बोली, "मुझे बचाव"
कविता
यह कविता बलात्कार जैसे जघन्य अपराध के खिलाफ आवाज उठाती है और न्याय की मांग करती है। इसमें नारी की सुरक्षा, सम्मान, और अधिकार की बात की गई है। समाज को जागरूक होकर बेटियों के लिए सुरक्षित माहौल बनाने और दोषियों को कड़ी सजा देने का आह्वान किया गया है।
लेखक : साइलेंट लफ्जो का सफर
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