अर्जुन का जन्म एक गरीब किसान परिवार में हुआ था। उसका गाँव बेहद पिछड़ा हुआ था, जहाँ शिक्षा को विशेष महत्व नहीं दिया जाता था। वहाँ के लोग मानते थे कि पढ़ाई-लिखाई केवल अमीरों के बच्चों के लिए है। अर्जुन के पिता, मोहनलाल, अपनी छोटी सी जमीन पर खेती करते थे और बड़ी मुश्किल से परिवार का पेट भर पाते थे।