प्रेम की छांव
Added Successfully to library!
प्रेम की छांव
कविता
तेरे स्पर्श की गर्मी, वो मीठी सी आग, जिसमें सुलगता है प्रेम का भाग। तेरे बिना ये जीवन अधूरा सा लगे, जैसे बिना धड़कन के दिल ना धड़के।
: Writer Dev
Add To Library
13
Views
5
Ratings
1 Min
Duration
लाइब्रेरी
श्रेणी
लिखे
अपडेट
शॉप