वैशाली अभिमान विशिष्ट और आकांक्षा ....एक कहानी के चार किरदार..!! जहा वैशाली और विशिष्ट के बीच हद से ज्यादा नफरत है वही अभिमान आकांक्षा के बीच हद से ज्यादा प्यार !! कहानी में मोड़ आता है जब विशिष्ट को हो जाता है आकांक्षा से प्यार और वो उसकी ज़िद बन जाती जाती है !! क्या होगा जब औरते के प्रति रूढ़िवादी सोच रखने वाला विशिष्ट जब आकांक्षा के सपने कैद को कैद करना चाहेगा !!क्या वैशाली अपनी बहन को विशिष्ट से बचा पाएगी ....या वो खुद फस जायेगी उसके जाल में ..!!क्या अंजाम होगा वैशाली और विशिष्ट के बैरी रिश्ते का !!क्यू अभिमान आंकांशा से प्यार होने के बावजूद उसे किसी और की दुलहन बनने पर मजबूर कर देता है..!!क्या होगा जब वैशाली की आधुनिक सोच विशिष्ट की पुरानी सोच से टकराएगी ..
जानने के लिए पढ़िए unbreakable knot of hate