वक्त बदल रहा है ( कलियुग )
यह कविता कलियुग के बदलते समय और उसके प्रभावों को दर्शाती है। इसमें धन को सर्वोच्च महत्व मिलने, इंसानियत के पतन, रिश्तों की टूटन, लड़कियों की असुरक्षा और माता-पिता की उपेक्षा की बात कही गई है। स्वार्थ, लालच और पाप से समाज में अराजकता फैल रही है। लेकिन कविता चेतावनी देती है कि अब भी प्रेम, करुणा और सच्चाई को अपनाकर दुनिया को बेहतर बनाया जा सकता है।