अभिमान एक ऐसा भाव है, जो मनुष्य को ऊँचाई पर पहुँचाने के साथ विनाश का कारण भी बनता है। यह रिश्तों को तोड़ता और जीवन से सच्चा सुख छीन लेता है। परंतु सही उपयोग से यह आत्म-स्वाभिमान में बदलकर शक्ति और प्रेरणा देता है। इसे समझकर विनम्रता से जीना ही जीवन को महान बनाता है।