यह कहानी अवनि और श्रेय की है, जो परिवारों की मजबूरी के कारण शादी करते हैं। अवनि को लगता है कि श्रेय ने इस शादी को केवल अपने परिवार की खातिर किया है, जबकि श्रेय चुप रहता है क्योंकि वह अपनी जिम्मेदारियों को निभा रहा है। एक दिन अवनि को सच्चाई का पता चलता है कि श्रेय ने इस शादी को परिवार के लिए किया था। अवनि को अपनी गलतफहमी का एहसास होता है और दोनों के बीच का रिश्ता समय के साथ समझदारी और विश्वास पर आधारित हो जाता है।