प्रकोप - प्रकृति का

client-img

प्रकोप - प्रकृति का


प्रकृति का सम्मान करना और उसके साथ सामंजस्य बनाए रखना इंसान के अस्तित्व के लिए अनिवार्य है। शांतिनगर के लोगों ने लालच में आकर जंगल काटे, नदियों को दूषित किया, और प्रकृति के संतुलन को बिगाड़ दिया। उनका यह स्वार्थ उन्हें धन और सुविधाएं तो temporarily दे सका, लेकिन अंत में यह विनाशकारी प्रकोप का कारण बना। प्रकृति सहनशील है, लेकिन जब उसका संतुलन बिगड़ता है, तो वह अपना रोष दिखाने में पीछे नहीं रहती। कहानी यह सिखाती है कि यदि इंसान अपनी गलतियों से नहीं सीखेगा, तो उसे विनाश का सामना करना पड़ेगा। अंततः गांववालों ने समझा कि केवल प्रकृति के साथ सामंजस्य और उसका सम्मान ही एक सुखी और सुरक्षित जीवन की कुंजी है।
: Simple Human

16

Views

5

Ratings

7 Min

Duration


  • लाइब्रेरी

  • श्रेणी

  • लिखे

  • अपडेट

  • शॉप