कहानी "बिन फेरे हम तेरे" एक लेखिका कृतिका और एक बिजनेसमैन अर्जुन की है, जो प्यार और रिश्तों की पारंपरिक सीमाओं को तोड़ते हैं। कृतिका, जो अपने अतीत के दर्द से उबर रही थी, अर्जुन के सच्चे साथ और विश्वास के कारण अपनी जिंदगी में प्यार को फिर से जगह देती है। बिना किसी फेरे और वादे के, उनका रिश्ता विश्वास, समझदारी, और सच्चाई पर आधारित होता है। यह कहानी दिखाती है कि सच्चे प्यार को किसी रीति-रिवाज या बंधन की जरूरत नहीं।