विनी बोली,
“ठीक है रौशन..! तुम चाहे जो कहो। हमारे फेरे बेशक नहीं हुए हो। पर हम बिना फेरे के ही खुद तो तुमको सौंप चुके है। और तुम्हारे ही रहेंगे जीवन भर।”
फिर रौशन ने एक अधिकारी की बेटी से शादी कर ली।
विनी लेक्चरर हो गई।
घूमकर घर आते हुए मेजर एक्सीडेंट हुआ।
रौशन की पत्नी मम्मी पापा की डेथ हो गई।
रचिता की शादी ऑस्ट्रेलिया में हो गई थी।
रौशन की जान तो बच गई पर वो जीवन भर के लिए अपाहिज हो कर बिस्तर पर आ गया।
उसके और उसके बेटे की देख भाल के लिए कोई नहीं था।
इस कठिन समय में विनी आगे आई और खामोश लिए रौशन से बोली,
“हमरा फेरा ही नहीं हुआ था। पर मैने दिल से खुद को तुमको सौंप दिया था। मैं करूंगी तुम्हारे बच्चे की परवरिश। बिन फेरे हम तेरे हैं रौशन।
समाप्त।