यह कहानी अरविंद नामक एक अनाथ लड़के की है, जो गली में जीवन बिताते हुए अपने परिवार की तलाश करता है। एक सामाजिक कार्यकर्ता की मदद से उसे पता चलता है कि वह एक गुमशुदा बच्चा है। डीएनए जांच के बाद, वह अपने माता-पिता से मिलकर अपनी खोई हुई पहचान वापस पाता है। कहानी यह संदेश देती है कि उम्मीद और धैर्य के साथ हर कठिनाई का हल मिलता है।