राघव…मेरे यार तुम यहां कहीं मैं सपना तो नहीं देख रहा हूं। नहीं केशव ये सपना नहीं है। आज तुम्हारा प्यार मुझे दुबारा यहां ले ही आया है।
शोभा…देखो रूपाली भाभी और राघव आए है। राघव भाईया-रूपाली अपने यहां आकर हमें जो खुशी दी है। उसे हम कभी नहीं भुल पाएगें।
राघव अब तुम इंडिया आ गए हो तो 15 साल पहले जो सपने तुम यहां अधुरे छोड़ गए थे। उसे हम मिल कर पुरा करेगें। मैं तुम्हें बता नहीं सकता हूं तुम्हारे यूं अचानक सिंगापुर चले जाने से मैं यहां कितना अकेला हो गया था।