कर्म
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कर्म
कविता
भाग्य का सहारा लेने से बेहतर है अपने कर्म से जीवन को सँवारना। कर्म ही जीवन की दिशा और उद्देश्य तय करता है, और सच्चा सुख और सफलता उसी के माध्यम से प्राप्त होती है। हर पंक्ति प्रेरित करती है कि कर्म का दीप जलाकर जीवन को प्रकाशमय बनाएं।
लेखक : विजय सांगा
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