यह कहानी है अहान रायजादा की जो अपनी पहचान छूपा कर रह रहा था अपनी पत्नी के घर पर घर जमाई बन कर। क्योंकि अहान अपनी पत्नी इशानी से बहुत प्यार करता था। लेकिन इशानी अहान से नफरत करती थी क्योंकि उसे लगता था की अहान के वजह से उसने अपनी दादी माँ को खोया है। ये गलतफहमी उन दोनों को ऐसे मोड़ पर खड़ा कर देती है जिस में इशानी अहान से दूर होई ही जाती है। और अहान को अपनी जान गवानी पडती है। तो क्या अहान लौट कर कभी आएगा? और आएगा तो क्या इशानी और अपने बीच की गलतफहमी को दूर करेगा?