यह कविता सरहद पर तैनात सिपाहियों के अदम्य साहस और बलिदान को सलाम करती है। यह नफरत की दीवारों को मिटाकर अमन और भाईचारे का संदेश देती है। सिपाही अपने कर्तव्य के लिए अपने सपनों और दर्द को भूलकर देश की रक्षा करते हैं। सरहद केवल जमीन नहीं, यह विश्वास, सम्मान और बलिदान का प्रतीक है।