जुदाई
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जुदाई
कविता
जुदाई की बारिश में भीग रहे हैं हम, तेरी मोहब्बत के शहर से दूर रहे हैं हम। हर आहट पर तेरा नाम ढूंढ़ते हैं, पर तेरे बगैर सिर्फ खामोश हैं हम।
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