सुनहरी सुबह
Added Successfully to library!
सुनहरी सुबह
कविता
सुनहरी सुबह रोज आती है, पैगाम जीवन का, वो संग अपने लाती है। विदा कर रात की कालिमा, लाती है संग अपने वो, सुबह की सुंदर लालिमा। त्याग कर सब आलस्य अपना, रात में देखा हुआ अपना सपना।
: निर्मेश
Add To Library
17
Views
5
Ratings
1 Min
Duration
लाइब्रेरी
श्रेणी
लिखे
अपडेट
शॉप