सुनहरी सुबह

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सुनहरी सुबह


तुम्हारे टूटे फूटे अल्फाजों में लिखी, डायरी की कविता आधी अधूरी, बयां करती है फिर भी हर जज्बात, मन के एहसासों में सराबोर पूरी।
लेखक : rani

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