सन्नाटे का घर
शहर से दूर, पहाड़ियों के घने जंगल के बीच एक विशाल हवेली थी। इसे लोग "सन्नाटे का घर" कहते थे। गांववालों का मानना था कि इस घर में आत्माएं रहती हैं, और जो भी यहां गया, वह कभी लौटकर नहीं आया। यह हवेली दशकों से वीरान थी। कोई इसे खरीदने की हिम्मत नहीं करता था। आसपास के लोग हवेली के पास से भी गुजरने से कतराते थे।