मां की गोद
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मां की गोद
कविता
आकर मां की गोद में, मिट जाते हैं सारे रोग संताप। मां की गोद के बराबर, नहीं है कोई जगह इस दुनिया में, चाहे हो कोई मनोरम स्थल, चाहे कोई उपवन बन बाग।
: निर्मेश
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