भरोसा
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भरोसा
कविता
जहाँ भरोसे की इमारत खड़ी होती है, वहीं खुशियों की बरसात बड़ी होती है। टूटे न कभी यह बंधन का धागा, यही तो ज़िंदगी की सबसे बड़ी होती है।
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