अनकहा दर्द!!
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अनकहा दर्द!!
कविता
कविता
अपनी आंखों का दर्द छुपा कर हंसती रहती हूं मैं, और दर्द में भी फूल खिलाना चाहती हूं मैं, दर्द इश्क़ का छिपा है दिल में फिर भी हंसती रहती हु मै,!
लेखक : Miss writer
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