शरद ऋतु का स्वर्णिम स्पर्श
पत्तों की सरसराहट में गीत गाती हवाएं,
धूप सुनहरी, ठंडी छांव लहराए।
फसलें पक कर धरती का श्रंगार करें,
शरद का हर रंग मन को निहार करे।
सेब-नाशपाती की मिठास का दौर है,
अनार और अंगूर से भरा भंडार है।
पत्ते गिरकर सिखाते हैं त्याग का ज्ञान,
शरद ऋतु लिखे जीवन का नया फरमान।
जीवन का चक्र यूं ही चलता रहेगा,
हर पतझड़ के बाद वसंत मुस्कुराएगा।
शरद ऋतु के रंगों में छुपा एक मीत,
परिवर्तन का संदेश, समय का गीत।
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