कहते हैं जब प्यार का रंग का रंग चढ़ता है तो उसके आगे हर एक रंग फीका लगता है, ऐसी ही ये कहानी है प्राक्षी सबरवाल और इवांस सिंह राठौड़ की, इवांस जो कि बिजनेस टायकून है उसके दिल में किसी के लिए भी दया नाम की चीज नहीं है लेकिन प्राक्षी से पहली नजर में ही वो अपना दिल हार बैठता है, प्राक्षी जो कि एक विधवा है, क्या प्राक्षी कभी इवांस के प्यार को समझ पाएगी।