सिद्धपुर गाँव के खंडहर में श्रापित आत्मा अनाया की कहानी छिपी थी, जो अपने प्रेमी आर्यन के संग अन्याय के कारण सदियों से भटक रही थी। पुरातत्वविद रोहन ने आत्मा की मुक्ति का संकल्प लिया और श्राप को तोड़ने के लिए खंडहर की गहराई में सच्चे प्रेम का प्रतीक ढूँढ़ा। अनाया और आर्यन की आत्माएँ अंततः प्रेम और साहस के बल पर मुक्त हो गईं। यह कहानी प्रेम, निष्ठा, और साहस का प्रतीक बनकर रह गई।