ये कहानी पुनपुन नामक गांव मे रहने वाली 14वर्षीय लड़की सुरभि की है। सुरभि एक बहुत गरीब परिवार से थी। जब एक दिन सुरभि अपने स्कूल से घर लौट रही थी तब उसको रास्ते मे एक बूढ़ी दादी मिली, जिसको सुरभि ने खाना खिलाया था। उसी नेकदिली से खुश होकर उस दादी ने सुरभि को एक पेंसिल थी, जो कि जादुई थी। जो किसी भी चीज को हकीकत मे बना सकती थी।