जो तुम आ जाते एक बार
करती तुमसे बातें हजार
यह दूरियां मिटाती
तुझे बाहों में भरती
करनी है तुझसे बातें हजार।
जो तुम आ जाते एक बार
तुझसे ही करनी है तेरी ही शिकायतें बार - बार
खोलना है बातों का पुलिंदा सामने तुम्हारे
रखना है दिल के अरमान सामने तुम्हारे ।
जो तुम आ जाते एक बार
दिल खोल कर रख देती
बताती तुझको यह दूरी कितनी तकलीफ देती
देना है तुझको अपने दिन रात का हिसाब
लेना है तुझसे हर बात का जवाब ।
जो तुम आ जाते एक बार
बस बांध लेती बाहों के घेरे में इस बार
जाने ना देती अपने से दूर इस बार
जो तुम आ जाते एक बार
ना जाने देती वापस इस बार।।