कृष को एक जादुई आईना मिलता है, जो उसे एक उदास भविष्य दिखाता है। इस डर से वह अपनी जिंदगी में बदलाव लाने की कोशिश करता है। एक सिद्ध पुरुष से प्रेरणा पाकर कृष समझता है कि भविष्य उसकी आज की मेहनत पर निर्भर है। आज को सुधारने के बाद जब वह दोबारा आईने में देखता है, तो एक खुशहाल भविष्य पाता है, जिससे उसे सीख मिलती है कि आज में जीना ही सबसे सही तरीका है।