कहते हैं खुद की गई गलतियों का सबक एक दिन जरूर मिलता है लेकिन तब क्या हो जब एक गलती की सजा तीन लड़कियों को मिले। ये कहानी है मन्नत, जीवी और साषी की जिन्हे गलती की सजा एक मिस्टीरियस शख्श से मिलती है वो भी 6 महीने की जेल की सजा, आखिर क्या गलती थी इन तीनो की जो इनको इनकी गलती की सजा मिली? क्या होगा तब जब साषी और जीवी मिस्टीरियस शख्श से बदला लेंगे? क्या देगी मन्नत साषी और जीवी का साथ? या फिर सब छोड़ कर चली जाएगी? क्या करेगा वो मिस्टीरियस शख्श जब उसे साषी और जीवी के बदले का अटैक नजर आने लगेगा? जानने के लिए पढ़ते रहिए