स्वाभिमान की बात
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स्वाभिमान की बात
कविता
दौलत और शोहरत से नहीं मापते हम अपनी शान, स्वाभिमान में बसता है हमारी रूह का अरमान। सर उठाकर चलते हैं इस जहाँ में सदा, स्वाभिमान की ताकत में ही है असली दवा।......
लेखक : Mini
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