ख्वाब
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ख्वाब
कविता
>>खैर ख्वाब देखना और उन्हें पूरा करना दोनो ही हमारे इख्तियार में है बस्स ज़रूरत है तो वक्त के साथ की.....वक्त साथ दे तो ख्वाबों को हकीकत होने में वक्त नहीं लगता✓✓
लेखक : KM015
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