कहा जाता है की प्यार होने के बाद इंसान सब भूल जाता है। उसके लिए दुनिया के मायने ही बदल जाते हैं। ऐसी ही ये एक कहानी है अंश और खुशहाली की। अंश , व्यास मेंशन में आता तो है बदला लेने के लिए लेकिन उसे धीरे धीरे गुजरते वक्त के साथ खुशहाली व्यास, उस घर की इकलौती बेटी से प्यार हो जाता है। क्या वो अपना बदला पूरा कर पाएगा? जिसके लिए उसके पास सिर्फ 30 दिन है। या फिर अपने प्यार में सब भूल जायेगा? क्या खेल खेलेगी इनकी किस्मत इनके साथ ? आखिर क्या करेगा अंश? क्या उसका बदला उस 30 दिन में पूरा हो जाएगा?जानने के लिए पढ़ते रहें...