कविता: "मेरा भाई"
मेरा भाई, मेरा साथी,
हर खुशी और हर बाती।
जब भी मैं उदास होती हूँ,
वो लाता है मुस्कान जैसी राती।
हर मुश्किल में मेरा सहारा,
मेरे आँसूओं का वो किनारा।
कभी डाँटता, कभी समझाता,
पर हर घड़ी मुझे सँभालता।
मेरी हर ख़ुशी में वो खिलखिलाता,
मेरे हर दर्द को वो खुद सह जाता।
कभी दोस्त, कभी पिता बन जाता,
हर रिश्ते का फर्ज़ निभाता।
उसकी मुस्कान में है दुनिया मेरी,
उसके बिना अधूरी है जिंदगी ये सारी।
ऐ खुदा, बस इतनी दुआ है तुमसे,
मेरा भाई यूँ ही खुश रहे हमेशा मुझसे।
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